जिंदगी
जिंदगी की सफलताओ ने होठो पर हँसी खिला दी थी। परंतु यह हँसी ज्यादा देर न रह पाई और दुखो की
बदली ने आँखों में आंसू ला दिए। मैंने मन ही मन ईश्वर से प्रार्थना कि हे ईश्वर ! तुम तो कहते थे , कि अच्छे कर्म करो। हमेशा होठो पर मुस्कान रहेगी। फिर मेरी आँखों में आंसू क्यों ?
शांत स्वर में एक अदृश्य शक्ति की आवाज आई , मैंने सही कहा है। जब जिंदगी
हँसाए तब समझना अच्छे कर्मो का फल है। लेकिन जब जिंदगी रुलाए तब समझ जाना की अब अच्छे
कर्म करने का वक़्त आ गया है। अरे दोस्तों यही ज़िंदगी है।
जिंदगी की सफलताओ ने होठो पर हँसी खिला दी थी। परंतु यह हँसी ज्यादा देर न रह पाई और दुखो की
बदली ने आँखों में आंसू ला दिए। मैंने मन ही मन ईश्वर से प्रार्थना कि हे ईश्वर ! तुम तो कहते थे , कि अच्छे कर्म करो। हमेशा होठो पर मुस्कान रहेगी। फिर मेरी आँखों में आंसू क्यों ?
शांत स्वर में एक अदृश्य शक्ति की आवाज आई , मैंने सही कहा है। जब जिंदगी
हँसाए तब समझना अच्छे कर्मो का फल है। लेकिन जब जिंदगी रुलाए तब समझ जाना की अब अच्छे
कर्म करने का वक़्त आ गया है। अरे दोस्तों यही ज़िंदगी है।
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